Saturday, 23 July 2011

राहुल का मुंबई सफ़र

राहुल का मुंबई सफ़र                               (५/०२/२०१०)
मुंबई में भाषावाद को उठाकर  शिवसेना व मनसे ने जहा हिंदी  भाषा  पर अपना  प्रहार करके अपनी राजनीती को चमकाने  की कोसिस  कर रही थी तो व्ही इन तमाम राजनितिक पार्टियों के मनसा पर ताला लगाया कांगेश के यूराज व महासचिव  राहुल  गाँधी ने जीनोने अपने राज्य यात्रा के दैरान कहा की मुंबई सबकी है ...२६/११ के आतंकी हमले में बिहार और उत्तरप्रदेश के लोग भी सहीद हुए है ,..मुंबई सभी की है न की म्हारास्त वालो  की है ...... राहुल गाँधी के इस भयान से शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने कहा की राहुल गाँधी ने यह बोलकर  मुंबई के २६/११ के हमले में सहीद बहादुर शिपहियो  के सहादद को दुःख पहुचाया है और इसके लिए उन्हें माफ़ी मगनी चाहिए ......और सामना के समाचार पत्र में शिवसेना के सभी शिव्सनिक को निर्देश दिए की वह राहुल गाँधी के मुंबई आने पर काले झंडे दिखाकर अपना विरोध करेगी ....इस ब्यान को मुबई में एक जंग की तरह देखा जाने लगा  ... जैसा की  शिवसेना पार्टीय की बात की जाय तो वः मुंबई में ४० साल से अपने राजनीत को चला रहे है और अपने पार्टीय के प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के आदेश को नही मानेगे यह हो नही सकता है ..इस बात को मुंबई वासियों के साथ राजनितिक की सभी पार्टीय अच्छी तरह जानते है ..अब मुंबई में कांगेश की सरकार है और उनके ही पार्टी  के यूराज व महासचिव की शुरक्षा में किसी प्रकार की कमी रहे यह बरदास नही होगा ...जिससे मुंबई के तमाम प्रमुख जगहों पर सुरक्षा के पुक्ते इन्तेजाम किये  गये ...राहुल गाँधी का जिन रास्तो से काफिला को निकलना था उस जगह पर  मुंबई पुलिस के जवान लगा दिए गये थे जिससे राहुल गाँधी की शुरक्षा में कमी न हो और शिवसेना के शिव्सनिको की चाल को नाकाम कर राहुल की सुक्र्क्षा  को बड़ा दिया था
राहुल गाँधी मुंबई के ऐयेर पोर्ट पर ११ बजे पहुचे और उनकी आगुवाई किये महारास्त के मुक्यमंत्री अशोक चव्हान  ने .....उसके बाद शुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राहुल को हेलिकैप्तेर  से जुहू में लैंड  कराया गया .जिसके बाद शुरू हुआ राहुल का सामना ...शिवसेना के शिव्सनिको के साथ सामना
मुंबई में राहुल गाँधी की शुरक्षा को देखते हुए मुंबई के तमाम इलाको में १४०व १५१ ध्रारा लगायी गयी है जिसके तहत ५लोगो का झुण्ड नही धिखना नही चाहिए राहुल गाँधी के विरोध में काफी संख्या में शिवसेना के पार्सद व कई कार्यकर्ता को गिरफ्त्तार किया गया जो राहुल के पुतले फुके   व  काले झंडे दिखाने की कोशिस  कर रहे थे ...ड़ी न नगर में शिव्सनिको पर लाठी चार्ज किया गया ...कुल मिलाकर १००-१५० शिव्सैनको को पकड़ा गया ......राहुल भाईदास हाल में आये और यहा पर १७ कॉलेज के११००शो 
 छात्र -छात्राओ को संबोधित किया उनके सवालों का जवाब भी दिया--साथ ही साथ इस युवा ग्रुप को पोलिटिकल में आगे आने के लिए कहा ...राजनितिक में यह जरुरी नही की फैमली का  होना ...जैसा की राहुल गाँधी ने अपने इस यात्रा को यूथ ओर्गेनैजेसन की मुहीम बताई है ......राहुल गाँधी का  प्रभाव यूवा लोगो पर साफ़ देखा गया
इसके बाद राहुल गाँधी का अगला मुकाम था घाटकोपर का रमाबाई कालोनी का इलाका ...जहा पर मुंबई  कांगेर्ष के कई बड़े नेता व मुख्यमत्री इन्तजार कर रहे थे ...जैसे ही राहुल गाँधी का काफिला पवन हंस के चैफेर हेलीकाप्टर की तरफ बड़े की राहुल गाँधी ने एकाएक अपने काफिला को अँधेरी रेलवे स्टेशन की तरफ  मुड़ने को कहा और पहुच गये अंधरी स्टेशन जहा पर अपने s.p z शुरक्षा को लेकर अंधरी स्टेशन के प्लेत्फोम नोम्बर ५ से दादर के लिए रवाना हुए फर्स्ट दर्जे में ... दादर जाते वक्त राहुल गाँधी ने आम लोगो से मुलाकात भी किया और उनके विचार को सुने इसके बाद दादर स्टेशन पर उतरकर अब घाटकोपर जाना था इसके लिए राहुल गाँधी ने व्ही के एक बैंक ऑफ इंडिया में जाकर ऐतिम से पैसे निकाले..उसके बाद जाकर आम लोगो की तरह लाइन में खड़े  होकर घाटकोपर  का टिकट निकाला  और डिब्बे के दुसरे दर्जे में जाकर घाटकोपर तक की यात्रा की ....घाटकोपर स्टेशन पर पहुचने के बाद राहुल सीधा रमाबाई कालोनी गये जहा पर उन्होंने भीमराव अम्बेडकर के प्रतिमा पर फूल चड़ाए उस वक्त महारास्त के गृहराज्य मंत्री रमेश बागवे ने राहुल गाँधी करे जूते  उठाये  गाँधी उसके बाद रमाबाई कालोनी के च्वालमें जाकर वहा के रहिवासियो से मुलाकात किया और उनके बातो को सुना इसके बाद राहुल गांघी वहा से शीधे मुंबई के डोमेस्टिक एअरपोर्ट पर गये जहा से उनका अगला पड़ाव  पदुचेरी   में है ....
अब rahul. गाँधी के इस सफ़र में जहा उन्होंने यूवा को राजनितिक में आगे आने को कहा तथा राजनितिक में बदलाव लाना चाहते है व्ही दूसरी तरफ कहा की मुंबई पुरे भारत की है जहा पर हर लोगो को रहने का अधिकार है .व्ही शिवसेना को अपने अंदाज में जवाब भी दिया तथा  दादर में उतरकर..शिवसेना को करारा जवाब भी दिया जैसा की शिवसेना का मुख्या ऑफिस दादर में है और मुंबई की लाइफ लाइन कहीजानेवाली मुंबई ट्रेन से यात्रा करके बता दिया की अगर सरकार चाह ले तो कोई भी आम जनता व राज्य को नुक्सान नही पंहुचा सकता है लिकिन अगर राहुल गांघी की बात न की जाय तो क्या मुंबई में पिछले कई दिनों से परप्रान्तियो पर भाषा के नाम पर उनपर जो अत्याचार किये जा रहे है क्या उनकी शुरक्षा की जिम्मेदारी वहा की सरकार की नही होती है  फ्हिलहाल राहुल गाँधी के इस बयान से की मुंबई  सभी भारतीयों  की है  इससे सायद मुंबई में भाषा वाद पर उठे बवाल  को रोका जा सके  अब तो यह आने वाला समय ही बताएगा की यहा की सरकार कितनी बात मानती है अपने यूराज राहुल गाँधी की .................write  बाय पंकज दुबे रिपोटर (a2z  न्यूज़ चैनल मुंबई )९७६९३६५२२०/९३२००१४६१९/.......
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